स्पर्श के खेल
हाथी छू :
छूने वाला स्वयंसेवक अपने बांए हाथ से दाहिना कान पकड़ेगा और उसके बीच में से दाहिना हाथ बाहर निकालेगा। इस प्रकार बनी सूँड से दौड़ने वालों को छुएगा। कान से हाथ छुटने पर दौड़न वाले उसकी पीठ पर मारेंगे ।
बच्चे हाथ से स्पर्श :
छूने वाला स्वयंसेवक अपना बांया हाथ पीठ की ओर से लेकर उससे दाहिने हाथ की भुजा पकड़ेगा तथा अपनी दाहिनी हथेली से दौड़ने वालों को छुएगा। हाथ छुटने पर दौड़ने वाले उसकी पीठ पर मारेंगे।
लंगड़ते हुए पैर से स्पर्श :
छूने वाला स्वयंसेवक अपना एक पैर लंगडी जैसा उठा कर दौड़ने वालों को उसी पैर से छुएगा। पैर जमीन पर रखने से दौड़ने वाले उसकी पीठ पर मारेंगे।
नमस्कार स्थिति से स्पर्श :
छूने वाला स्वयंसेवक अपने दोनों हाथ नमस्कार जैसे जोड़कर उसी स्थिति दौड़ने वालों को छुएगा।
मेंढ़क छू :
छूने वाला स्वयंसेवक 3 मीटर त्रिज्या मे मंडल में दौड़ने वाले स्वयंसेवको को मेंढ़क की स्थिति में बैठ कर मेंढ़क के समान उछलते हुए पैर से छुएगा। दौड़ने वाले उसे पीठ पर मारते हुए चिढाएंगे।
बदलती जोड़ी संकल :
छूने वाला स्वयंसेवक दौड़ने वालों में से किसी एक को छुएगा तथा अपना साथी बनावेगा। उसके पश्चात् दोनों संकल बनाकर दौड़ने वालों को छुऐंगे। बाद होने वाला स्वयंसेवक जोड़ी में प्रथम स्वयंसेवक का स्थान लेगा। प्रथम स्वयंसेवक दौड़ने वालों का साथी बनेगा। इस प्रकार हर बार बाद होने वाला जोड़ी में स्थान लेगा और जोड़ी में से पुराने सहयोगी को मुक्त करेगा।
मैं शिवाजी :
छूने वाला स्वयंसेवक दौड़ने वालों में से किसी एक का नाम पुकारेगा और उसे छूने का प्रयास करेगा। उनके बीच में से अन्य दौड़ने वाले जाते हुए "मैं शिवाजी" कह कर छूने वालो को आढन देंगे। छूने वाला "मै शिवाजी" कहने वालें को छुएगा। इस प्रकार हरेक 'शिवाजी' बनने का प्रयास करेंगे। बाद होने वाला स्वयंसेवक छूने वाला बनेगा।
घायल :
छूने वाला स्वयंसेवक दौड़ने वालों को छुएगा। दौड़ने वाले छूने वाले के शरीर पर कमर के ऊपर कहीं भी मारेंगे। जिस स्थान पर मार पडेगी, उस स्थान पर छूने वाला अपनी बांयी अथवा दाहिनी हथेली रखकर, दुसरे खूले हाथ से दौड़ने वालों को छुएगा। इस प्रकार हर बार जहाँ मार पडेगी, वहाँ हथेली रखनी होगी।
कोहनी से स्पर्श :
4 मीटर त्रिज्या के मंडल में दौड़ने वालों को छूने वाला अपने दाहिने हाथ से दाहिना कान पकड़ कर कोहनी से छुएगा।
घुटने पर हाथ और सिर से स्पर्श :
6 मीटर के क्षेत्र में दौड़ने वाले स्वंयसेवक घुटनों पर दोनों हाथ रखकर दौड़ेंगे और छूने वाला स्वयंसेवक दोनों हाथ पीछे बांधकर सिर से छुएगा।
चिडिया कूद :
6 मीटर के क्षेत्र में दौड़ने वाले दोनों पैर मिलाकर चिडिया के समान कूदेंगे। छूनेवाला कमर में झुककर हाथ से दाहिने पैर का टखना पकड़ेगा और बांए हाथ से छुएगा।
पुकारे की पकड़ :
5 मीटर के क्षेत्र में दौड़ने वाले किसी भी स्वंयसेवक का नाम शिक्षक पुकारेगा। छूनेवाला स्वंयसेवक उसी स्वंयसेवक को छुएगा।
भस्मासुर :
4 मीटर त्रिज्या के मंडल में सभी दौड़ते हुए एक दूसरे के सिर पर हाथ रखकर बाद कराने का प्रयत्न करेंगे। अंत तक रहने वाला विजयी होगा।
ताण्डव नृत्य :
4 मीटर त्रिज्या के मंडल में सभी स्वंयसेवक दौड़ते हुए एक दूसरे के किसी भी एक पैर पर अपना पैर देने का प्रयत्न करेंगे। स्वंय के पैर को बचाते दूसरों को बाद करना है। अंत तक रहने वाला विजयी होगा।
दण्डधारी को पकड़ो :
6 मीटर के क्षेत्र में छूनेवाला स्वंयसेवक जिसके हाथ में दण्ड है ऐसे स्वंयसेवक को छूने दौड़ेगा। दण्डधारी स्वंयसेवक के हाथ से दण्ड लेकर जो दौड़ेगा उसे छूने वाला छूने का प्रयास करेगा।
दंड देने वाला :
6 मीटर क्षेत्र में छूनेवाले दो स्वंयसेवक एक दण्ड हाथ में पकड़ेंगें। और दौड़ने वालो को रिक्त हाथ से छुएंगे। बाद होने वाले स्वंयसेवक अपने एक हाथ से दण्ड को पकड़ते जाएंगे और दूसरे हाथ से अन्य स्वंयसेवको को छूने का प्रयास करेंगे । इस प्रकार छूनेवाले बढेंगे।
बढ़ता हुआ संग्रह :
5 मीटर क्षेत्र में छूनेवाले स्वंयसेवक किसी भी दौड़ने वाले को छुएगा। छूने के बाद दोनों स्वंयसेवक हाथ पकड़कर छूने जाएंगे। इसी पद्धति से बाद होनेवाला स्वंयसेवक संकल में सम्मिलित होगा।
विपरीत सेट:
6 मीटर क्षेत्र में छूने वाले दो स्वंयसेवक विरूध्द दिशाओं में मुँह रख कर संकल बनाएंगे और छूने को दौड़ेंगे। बाद होने वाला हरेक स्वंयसेवक संकल में सम्मिलित होते समय बाजू वाले स्वंयसेवक की विपरीत दिशा में मुँह कर संकल में सम्मिलित होगा।
सिर से स्पर्श :
6-12 स्वंयसेवक, 3 मी. त्रिज्या का मंडल । "क्ष" अपने दोनों हाथ पीठ के पीछे एक दूसरे में फँसाएंगा और दौड़ने वालों को अपने सिर से स्पर्श करेगा।
जोड़ी में दौड़ :
16-20 स्वयंसेवक, 6 मी. क्षेत्र । दौड़ने वाले स्वंयसेवक हाथ पकड़कर जोड़ी में दौड़ेंगे। छूनेवाला स्वयंसेवक अपने दो हाथ एकत्र फंसाकर जोड़ी को छूएगा।
रूमाल वाला पकड़ो :
16-20 स्वयंसेवक, क्षेत्र 6 मी. दौड़ने वाले किसी एक स्वयंसेवक के पास रूमाल रहेगा। रूमालधारी स्वयंसेवक को छूनेवाला छूने दौड़ेगा । दौड़ने वाले स्वयंसेवक ने रूमाल दूसरे स्वयंसेवक के हाथ में देना (रूमाल फेंकना नहीं)
रेलगाड़ी :
16-20 स्वंयसेवक, 6 क्षेत्र । दौड़ने वाला स्वयंसेवक बाद होने के पश्चात छूने वाले स्वयंसेवक की कमर पीछे से पकड़कर रेलगाडी के समान संकल बनाकर छूएंगे।
झूठा :
15-20 स्वंयसेवक, क्षेत्र 4 मी. त्रिज्या का मंडल । छूनेवाला स्वयंसेवक लंगडाते हुए छूने के लिए जाएगा। छुआ गया स्वंयसेवक बाद समझकर मंडल के बाहर जाएगा।
घुटने पर पैर :
6-12 स्वंयसेवक, क्षेत्र 3 मी. त्रिज्या का मंडला सभी स्वयंसेवक मंडल के भीतर दौड़ेंगे। पैर से एक दूसरे के घुटने को स्पर्श करेंगे। स्पर्श हुए स्वयंसेवक बाद होंगे।
साँप जाति :
16-20 स्वंयसेवक क्षेत्र हाथ पकड़कर मंडल की रचना। सभी स्वयंसेवक मंडल रचना में बैठेंगे। छनेवाले और दौड़ने वाले स्वयंसेवको में दो का अंतर रहेगा। दोनों स्वयंसेवक सर्पगति में दौड़ेंगे। (बैठे हुए एक स्वंयसेवक के आगे से, दूसरे के पीछे से दौड़ना ।)
पीठ को स्पर्श :
6-12 स्वयंसेवक, क्षेत्र 3 मी. त्रिज्या का मंडल। छूनेवाले स्वंयसेवक द्वारा पीठ को स्पर्श करने पर स्वयंसेवक बाद माना जाएगा।
गणेश छू
एक खिलाड़ी बायें हाथ से अपनी नाक पकड़ेगा तथा दाहिने हाथ को इसके बीच से सँूड की तरह निकाल कर बाकी सबको छूएगा। जो खिलाड़ी छुए जायेंगे वे भी इसी प्रकार गणेश बन कर छूना शुरू कर देंगे, सबके गणेश बन जाने पर खेल समाप्त होगा।
लाहौर किसका
भूमि पर एक छोटा गड्ढा बनाकर एक खिलाड़ी उसमें पैर की एड़ी रखकर खड़ा होगा तथा उच्च स्वर से पूछेगा - लाहौर किसका ? सब उत्तर देंगे - हमारा । तीन बार इस उद्घोश के बाद सब लाहौर पर कब्जा करने हेतु धक्का - मुक्की करेंगे। निर्धारित समय (30 सेंकड) बाद सीटी बजने पर जिसकी एड़ी वहाँ होगी । वही विजयी माना जायेगा, इस प्रकार खेल चलता रहेगा।
दर्दीले घुटने
दौड़ने वाले खिलाड़ी अपने हाथ घुटनों पर रखकर दौड़ेगे, छूने वाला खिलाड़ी दोनों हाथ सिर के पीछे बाँधकर सिर या कोहनी से छुएगा।
विमान छू
मैदान मे खड़े स्वयंसेवक को बाद (out) करने वाला स्वयंसेवक दोनो हाथ कंधे को समांतर फैलाकर हाथ के पंजे से स्पर्श कर के बाद (out) करेगा। जो जो बाद (out) होता जाएगा वह खेल से बाहर होता जाएगा।
आगे कुआं पीछे खाई
इस खेल में शिक्षक दो स्वयंसेवक को दाव (catcher) देने के लिये कहेंगे एक स्वयंसेवक जो भी खड़े हुए उनको छूने की कोशिश करेगा और दुसरा बैठे हुए स्वयंसेवक को छुने की कोशिश करेंगे । जो भी छुआ जाएगा वह बाद (out) हो कर खेल से बाहर होता जाएगा।
मित्र की रक्षा
तीन या अधिक स्वयंसेवक हाथ पकड़कर छोटा गोल बनाएंगे । चौथा बीच में खड़ा रहेगा और पांचवां बच्चा गोल के बाहर खड़ा रहेगा । गोल के बाहर खड़े बच्चे को गोल के अंदर खड़े बच्चे के सिर पर स्पर्श करना होगा हाथ पकड़कर खड़े हुए तीन खिलाड़ी अंदर खड़े स्वयंसेवक की रक्षा करेंगे।
सूर्य नमस्कार से रक्षा
मैदान में खड़े खिलाड़ियों को कोई एक खिलाड़ी बाद (out) करने जाएगा । स्पर्श से पहले अगर खेल खेलने वाला खिलाड़ी सूर्य नमस्कार की ५ या ६ स्थितियां कर लेगा तो जिसकी पारी है वह उसे स्पर्श नहीं कर पाएगा और अन्य किसी को बाद (out) करेगा । जिसे स्पर्श हो जाएगा वह खेल से बाहर हो जाएगा ।
मार के भागो
इस खेल में शिक्षक जिस स्वयंसेवक का नाम लेंगे उस को तुंरत स्पर्श कर के आपने जगह पर आना । अगर स्पर्श हुआ स्वयंसेवक पहले पहुंच जाता है तो वह विजयी होगा।
प्रणाम स्पर्श
इस खेल में शिक्षक एक खिलाडी का चयन करेंगे वह खिलाडी प्रणाम की स्थिति में आएंगे और हाथ से सभी खिलाडी को स्पर्श करने की कोशिश करेंगे। जो जो बाद (out) होता जाएगा वह खेल से बाहर होता जाएगा।
समुह मे बचाव
इस खेल में एक खिलाड़ी मैदान में अकेले रहने वाले को छुने की कोशिश करेंगे यदि किसी संयुक्त दल से उनको मिला लें तो छु नहीं सकते। जो जो बाद (out) होता जाएगा वह खेल से बाहर होता जाएगा।
परछाई स्पर्श
एक स्वयंसेवक दुसरे स्वयंसेवक की परछाई को स्पर्श कर लेगा तो वह बाद होगा । जो जो बाद (out) होता जाएगा वह खेल से बाहर होता जाएगा।
विध्न स्पर्श
इस खेल में सभी मंडल के अंदर रहेंगे पकड़ने वाला लंगडी टांग से सभी को छूएगा और बाकी स्वयंसेवक अपने-अपने दोनों पैरों को पकड़ कर ही रहेंगे यदि उन्होंने पैरों को छोड़ा तो भी बाद माने जाएंगे। जो जो बाद (out) होता जाएगा वह खेल से बाहर होता जाएगा।
शतरंज खो
इस खेल में सारे स्वयंसेवक जो मंडलाकार में खड़े होंगे उनको तीन तती में भाग करना है सारे स्वयंसेवक को जो तती में खड़े हैं उनको संख्या देनी है कोई भी एक संख्या बोलने पर तीनों तति की एक संख्या वाले स्वयंसेवक दौड़ेंगे और एक दुसरे को पकड़ने का प्रयत्न करेंगे जो स्वयंसेवक ने दूसरे को पकड़ लिया उसे अंक मिलेगा ।
अंतिम जोड़ी
'अ' को छोडकर शेष स्वयंसेवक जोड़िया बनाकर उस के पीछे खड़े होंगे। शिक्षक द्वारा 'अन्तिम जोड़ी दौडो' कहने पर सबसे पीछेवाली जोड़ी हाथ छोड़कर दोनों ओर से भागते हुए 'अ' जिस रेखा पर खड़ा है, उससे आगे जाकर पुनः जोड़ी बनायेंगे। वे दोनों 'अ' के दोनो ओर की रेखा पर आने के बाद और उस रेषा के सामने पुनः जोड़ी बनाने के पूर्व 'अ' उन दोनों में से एक को छूएंगा। 'अ' के हाथ से बचकर वे दोनों जोड़ी बना सके तो वह जोड़ी अन्य जोडियों के आगे खडी होगी और तब पुनः "अन्तिम जोड़ी दौडो" कहेगा। दोनों में से एक छूआ गया तो वह 'अ' होगा और पहला 'अ' उस जोड़ी में मिल कर आगे खड़ा होगा।
झुंड में रहो
इस खेल में एक खिलाड़ी मैदान में अकेले रहने वाले को छुने की कोशिश करेंगे यदि किसी संयुक्त दल से उनको मिला लें तो छु नहीं सकते। जो जो बाद (out) होता जाएगा वह खेल से बाहर होता जाएगा।
करंट खो
इस खेल में दो स्वयंसेवक की जोड़ी में खड़े रहेंगे और दोनो हाथ पकड़ के रखेंगे एक स्वयंसेवक भागेगा दूसरा पकड़ेगा भागने वाला स्वयंसेवक जो है वह किसी भी एक जोड़ी के पास आकर अगर स्वयंसेवक दाहिना हाथ पकड़ता है तो उसकी बाई ओर वाला स्वयंसेवक भागेगा और उसी तरह दूसरे खिलाडी का बाया हाथ पकड़ता है तो उसकी दाहिनी और वाला स्वयंसेवक भागेगा ।
गुरू शिष्य
एक गुरु मंडल में बैठे होगे उनके पास दो शिष्य रहेंगे दो शिष्य जिस किसी स्वयंसेवक को गुरु के पास लेंके जाएंगे तथा वह स्वयंसेवक खुद को बचाएगा और गुरु जिस स्वयंसेवक के मस्तक पर हाथ लगायेगे वह खेल से बाहर हो जाएंगे।
हाथी की सूंढ़
इस खेल में सभी साथी मंडल के अंदर होंगे एक साथी मंडल के बाहर से हाथी की सूंढ़ बना कर अंदर के स्वयंसेवको को छू कर आउट करेगा ( ध्यान रहे अंदर वाले साथी भागेंगे नही वह केवल कमर पर साथ रख कर कूद करके जा सकते है)
वाह रे बुद्धू वाह रे शेर
इस खेल में दो खिलाड़ी अंदर मंडल के अंदर रहेंगे अंदर वाले खिलाड़ी में से एक खिलाड़ी नीचे बैठेगा ओर दूसरा उसके पास खड़ा रहेगा और बैठे वाले के सिर पर हाथ एक हाथ स्थाई रूप से रखेगा ओर दूसरे हाथ से बाकी साथियों को आउट करेगा (आउट करते समय यदि छूने वाला का हाथ उसके साथी के सर से उठा तो foul माना जायेगा) मंडल पर साथी नीचे बैठे वाले को पीठ पर मुक़ा मारेंगे ओर कहेंगे वाह रे बुद्धू और खड़े वाले कि कि पीठ पर मुक्का मारने पर वाह रे शेर कहेंगे।
भस्मासुर प्रकार 2
इस खेल में सभी स्वयंसेवक अपना बायां हाथ अपनी जेब में रखेंगे, एक स्वयंसेवक अन्य स्वयंसेवक को छूने जाएगा और उसके सिर पर अपना दाहिना हाथ रखकर उस स्वयंसेवक को खेल में से आउट करेगा ऐसे ही खेल के सारे स्वयंसेवक जब तक आउट ना हो जाए तब तक यह खेल जारी रहेगा।
तीन पैरो की जोड़ी
इस खेल में दो स्वयंसेवक को के पैर में रुमाल से बांध दिया जाता है। और बाकी स्वयंसेवकों की जोड़ियां बना दी जाती है। और जो स्वयंसेवकों के पैरों को रुमाल से बंधा है। वह स्वयंसेवक अन्य स्वयंसेवकों को छुने जाएंगे जिस स्वयंसेवकों को छू ले वह खेल से आउट हो जाएंगे।
गतिमान
चौड़ी दो समानांतर रेखाएं बनाने के बाद शिक्षक एक खिलाड़ी को रेखा के ऊपर खड़ा करेंगे | आज्ञा मिलते ही एक खिलाड़ी लंबी सांस लेकर छह बार मूल रेखा से सामने वाली रेखा को स्पर्श करके मूल रेखा पर वापस आएगा।
उल्टा सुलटा
इस खेल में दो स्वयंसेवकों की जोड़ी बनेगी जिसमें दो स्वयंसेवक एक सीधा रहेगा एक उल्टा रहेगा हाथ पकड़कर जोड़ी बना लेंगे और एक जोड़ी अन्य जोड़ियो को छूने जाएगी जैसे जैसे जोड़ी छुई जाएंगी। वह जोड़ी आउट हो जाएगी।
उलटी हथेली पर पत्थर रखकर :
छूने वाला स्वयंसेवक अपनी बांयी हथेली को उलटी कर उस पर छोटा पत्थर रख कर दौड़ने वालों को दाहिने हाथ से छुएगा। पत्थर गिरने पर दौड़ने वाले उसकी पीठ पर मारेंगे।
