शाखा में सीटी का प्रयोग
सभी मुख्य शिक्षक तथा गण शिक्षक शाखा पर सीटी का उपयोग करें। यह अपेक्षा है। सूर्य नमस्कार, व्यायाम योग, खेल, प्रहार आदि कार्यक्रम भी सीटी के संकेत से सुविधापूर्वक कराये जा सकते हैं।
शाखा में सीटी बजाने की पद्धिति :-
1. सीटी को दांतों से पकड़ कर जिह्वाघात से प्रारंभ कर पूरी ताकत से फूकनी चाहिये।
2. लंबी सीटी के प्रारंभ में जिह्वाघात लगाना चाहिये।
3. तथा छोटी सीटी के प्रारंभ एवं अंत में जिह्वाघात लगाना चाहिये।
सीटी तथा उनके संकेत, लंबी सीटी ( - ), छोटी सीटी ( ० )
शाखा में सीटी का प्रयोग
सीटी | अर्थ |
---|---|
(- ० – ०) | शाखा प्रारंभ |
( - ० ) | कालांश परिवर्तन |
( - - ) | शाखा के बीच में किसी भी कारण से दक्ष एवं ध्वजाभिमुख कराने हेतु |
( ०० ००) | कार्यक्रम पूर्ववत प्रारंभ कराने के लिये |
( ० ) | प्रार्थना |
( - ०००) | शाखा समापन के समय अग्रेसरों को बुलाने के लिये |
( - ०० ) | शाखा समापन के समय संपत कराने के लिये गणशिक्षकों को सूचना |
(- - - या अधिक) | आकस्मिक सूचना देने के लिये |
( - - ) | संघचालक जी के आगमन पर |
( - - ) | संघचालक जी के मध्य में जाने पर भी ऐसा ही संकेत होगा |
खतरे की चेतावनी की सीटी ( - - - या अधिक) बजते ही शिक्षक अपना गण तुरंत संपत करवा कर मुख्यशिक्षक के संकेतानुसार कार्य करेंगे।