प्रारंभिक वर्ग

प्रारंभिक वर्ग


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रारंभिक वर्ग कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया का पहला चरण है। यह आमतौर पर 3 दिनों का एक संक्षिप्त आवासीय प्रशिक्षण शिविर होता है, जिसका उद्देश्य स्वयंसेवकों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, बौद्धिक विकास और नेतृत्व गुणों को विकसित करना है।


पूर्व तैयारी

  1. प्रशिक्षण वर्ग हेतु अपेक्षित स्वयंसेवकों की सूची बनाना, अर्हता का विशेष ध्यान देना चाहिए।
  2. कार्यकर्त्ता का मन बनाना, व्यक्तिगत बातचीत द्वारा और माता-पिता से बात करके ।
  3. शुल्क के साथ ही वर्ग अनुसार अपेक्षित पुस्तक अतिरिक्त शुल्क लेकर देना ।
  4. वर्गों में अपेक्षित स्वयंसेवकों का शारीरिक व बौद्धिक अभ्यास वर्ग करना चाहिए।
  5. बौद्धिक विषय की तैयारी के अन्तर्गत पुस्तक पठन हो जाए, प्रार्थना, प्रतिज्ञा व एकात्मता मंत्र याद होना चाहिए।
  6. बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के घर जाकर उन्हें शुभकामनाएं देने की तथा परीक्षा मुक्त होने पर विद्यार्थी स्वयंसेवकों के लिए कार्यक्रमों की योजना रचना करनी चाहिए।
  7. अपने-अपने क्षेत्र में उत्सव सौहार्द, भ्रातृत्व व समरसता का प्रतीक बने इस प्रकार टोली बनाकर संघ गीत गाते हुए प्रेम से मनाएँ।
  8. वर्ष प्रतिपदा से पूर्व सभी व्यवसायी शाखाएँ वार्षिक नियोजन बैठक कर अपना आगामी पंचांग बनाएं।
  9. प्रतिज्ञा कार्यक्रम योजना अनुसार तय कर जिला अनुसार करवाना अपेक्षित है।

प्रारंभिक वर्ग का उद्देश्य

  1. संघ की प्रारंभिक जानकारी
  2. भारत के संदर्भ में प्रारंभिक जानकारी
  3. भावात्मक जागरण
  4. सामूहिक जीवन का अनुभव

प्रारंभिक वर्ग की अर्हता

  1. कक्षा 8 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण अथवा 13 वर्ष आयु पूर्ण

प्रारंभिक वर्ग का स्वरूप

  1. समयावधि तीन दिन (न्यूनतम 5 संघस्थान)
  2. शारीरिक करने हेतु उपयुक्त वेश ।
  3. यह वर्ग प्रांत की योजना के अनुसार चलेगा।
  4. शारीरिक प्रशिक्षण के लिए प्रात: 90 मिनट एवं सायं 75 मिनट का संघ स्थान हो ।

बौद्धिक विभाग

  1. बौद्धिक प्रशिक्षण के लिए 45-45 मिनट के कुल 9 कालांश रहें।
  2. बौद्धिक कार्यक्रमों के विषयों की संभावित सूची दी गई है, अपनी योजना के अनुसार चर्चा, संवाद, बौद्धिक वर्ग, अभ्यास कालांश में इन्हे नियोजित कर सकते हैं।
  • परिचय का महत्त्व
  • संघ की प्राथमिक जानकारी (शाखा मिलन, उत्सव,)
  • दैनंदिन शाखा का स्वरूप एवं महत्त्व
  • डॉ हेडगेवार जी का जीवन
  • हिन्दू संस्कृति की विशेषताऐं
  • हिन्दू जीवनशैली
  • स्वयंसेवक के गुण
  • जिले का मानिचत्र परिचय
  • देशभक्ति का जीवन में प्रगटीकरण
  • जिज्ञासा समाधान
  • कथाकथन (दीर्घ कथा)
  • वर्ग अनुभव कथन/अनुवर्तन
  • प्रार्थना का अभ्यास (अभ्यास कालांश)

शारीरिक विभाग

प्रारंभिक वर्ग (शालेय विद्यार्थी) का पाठ्यक्रम

  1. प्रातः संघस्थान - 90 मि. (आसन+ सूर्यनमस्कार प्रशिक्षण, नियुद्ध, पदविन्यास, दंड, खेल प्रशिक्षण इन विषयों का नियोजन करना है।)
  2. सायं संघस्थान - 70 मिनट (प्राथमिक समता - 15 मि., शेष समय स्थानीय योजनानुसार नियोजन करना है।)

प्रारंभिक वर्ग (शालेय विद्यार्थी) का शारीरिक पाठ्यक्रम

आसन :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

सूर्यनमस्कार व प्रतिदिन एक आसन का अभ्यास
1) ताड़ासन
2) उत्तानासन
3) अर्द्ध कटि चक्रासन


खेल :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

आयुगटश: खेल कैसे ले, क्या ले इसका नियोजन करना है। तीन दिन में सात प्रकार के खेलो का परिचय हो


पदिवन्यास :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. मोहरे, सिद्ध, सिद्ध स्थिती से दक्ष, प्रसर, प्रतिसर
2. सम्मुख, विम्मुख


दंड :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. दंड की लम्बाई की जानकारी
2. दक्ष, आरम एवं स्वस्थ
3. भुजदण्ड, स्थल दण्ड
4. शिरमार एवं अधोमार


नियुद्ध :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. नियुद्ध सिद्ध
2. प्रयोग सिद्ध
3. मुष्टीप्रहार सूर्यचक्र - स्थिर स्थिती
4. मुष्टीप्रहार नासिका
5. मुष्टीप्रहार जठर
6. उत्तक्षेप अपक्रम
7. उत्तक्षेप नासिका
8. उत्तक्षेप जठर


प्राथिमक समता :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. दक्ष, आरम्, स्वस्थ, सावधान, ध्वज प्रणाम, एकश: संपत्, सम्यक, पुरस्/ प्रति/दिक्षण / वामसर,
2. वर्तन- दिक्षण/वाम/अर्ध/वृत.
3. उपविश, उतिष्ठ, स्थलदण्ड, भुजदण्ड


प्रारंभिक वर्ग (महाविद्यालयीन विद्यार्थी एवं तरुण व्यवसायी) का पाठ्यक्रम

  1. प्रातः संघस्थान - 90 मि. (आसन+ सूर्यनमस्कार प्रशिक्षण, नियुद्ध, दंड, यिष्ट, खेल प्रशिक्षण इन विषयों का नियोजन करना है।)
  2. सायं संघस्थान - 70 मिनट (संचलन अभ्यास, प्राथमिक समता, सामूहिक समता,व्यायाम योग, आचार विभाग इन विषयों का नियोजन करना है)

प्रारंभिक वर्ग (महाविद्यालयीन विद्यार्थी एवं तरुण व्यवसायी) का पाठ्यक्रम

यष्टी - ( 3 दिन 3 संघ स्थान )

1.दक्ष, आरम, स्वस्थ, यिष्ट सिद्ध, भुज विष्ट
2. प्रयोग- 1) कोष्टाघात प्रयोग 2) कोष्टारोध प्रयोग
3. व्यायाम प्रकार 4, 5 एवं 6


आसन :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

सूर्य नमस्कार व प्रतििदन एक आसन का अभ्यास
1. ताड़ासन
2. अर्धकटीचक्रासन
3. उत्तानासन


दंड :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. दंड की लम्बाई की जानकारी
2. दक्ष, आरम एवं स्वस्थ
3. भुजदण्ड, स्थल दण्ड
4. शिरमार एवं अधोमार


नियुद्ध :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. नियुद्ध सिद्ध
2. प्रयोग सिद्ध
3. मुष्टीप्रहार सूर्यचक्र - स्थिर स्थिती
4. मुष्टीप्रहार नासिका
5. मुष्टीप्रहार जठर
6. उत्तक्षेप अपक्रम
7. उत्तक्षेप नासिका
8. उत्तक्षेप जठर


प्राथिमक समता :- 3 दिन ( 3 संघ स्थान )

1. दक्ष, आरम्, स्वस्थ, सावधान, ध्वज प्रणाम, एकश: संपत्, सम्यक, पुरस्/ प्रति/दिक्षण/वाम सर,
2. वर्तन- दिक्षण/वाम/अर्ध/वृत.
3. उपविश, उतिष्ठ, स्थलदण्ड, भुजदण्ड


प्रारंभिक वर्ग (विशेष) का पाठ्यक्रम

  1. प्रातः संघस्थान- 90 मिनट (आसन, दंड, खेल प्रशिक्षण इन विषयों का नियोजन करना है)
  2. सायं संघस्थान- 60 मिनट (प्राथमिक समता, व्यायाम योग, आचार विभाग इन विषयों का नियोजन करना है)

शारीरिक विभाग (प्रारंभिक वर्ग विशेष)

1. ताड़ासन
2. अर्धकटीचक्रासन
3. अर्धचक्रासन
4. उत्तानासन
5. परिवृत त्रिकोणासन
6. वज्रासन
7. प्राणायम मुद्रा


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