कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय का पाठ्यक्रम
25 दिन (22 संघ स्थान )
विषय - दंडयुद्ध
- 1-6) प्रथम 6 कालांश मे प्रथम तथा द्वितीय वर्ष का पाठ्यक्रम
- 7-8) शूलाग्राह अभ्यास, शूलाग्राह कुंभ, कोष्ठ, जंगास्थि प्रयोग 1 से 4 सभी आघातों के साथ अभ्यास
- 9-10) शूलाग्राह अभ्यास, शूलाग्राह कुंभ, कोष्ठ, जंगास्थि प्रयोग 1 से 4 सभी आघातों के साथ अभ्यास
- 11-12) शूलाग्राह अधोजंगास्थि, अधोकोष्ठ, अधोकुंभ का अभ्यास, प्रयोग 1 से 4 सभी आघातों के साथ
- 13-14) शूलाग्राह अधोजंगास्थि, अधोकोष्ठ, अधोकुंभ का अभ्यास, प्रयोग 1 से 4 सभी आघतों के साथ अभ्यास
- 15-16) भेद, प्रभेद, भ्रमण, वंचिका का अभ्यास
- 18-22) एक विरुद्ध चार द्वंद्वं अभ्यास (एक विरुद्ध अनेक द्वंद्व अभ्यास)
विषय - पदविन्यास का पाठ्यक्रम
- 1) प्राथमिक अभ्यास 1 दिन
- 2-4) संघ शिक्षा वर्ग सिलेबस मूल प्रयोग 3 दिन
- 5-7) कार्यकर्ता विकास वर्ग 1 का पाठ्यक्रम मूल प्रयोग 3 दिन
- 8) मूल प्रयोगों का रेखांघन
- 9) वाम विस्थलांतर दक्षिण विस्थलांतर
- 10) वाम संडीन, दक्षिण संडीन, प्रडीन संडिन चतुष्क प्रकार 1, प्रडीन संडिन चतुष्क प्रकार 2
- 11-12) अभी तक किये प्रयोगों का पुनर् अभ्यास
- 13) वाम विसंडीन, दक्षिण विसंडीन,
- 14) विस्थलान्तार विसंडीन चतुष्क प्रकार - 1, विस्थलान्तार विसंडीन चतुष्क प्रकार - 2
- 15) दक्षिण सिंहध्वज, वाम सिंहध्वज, ध्वज युगद्वय प्रकार 1, ध्वज युगद्वय प्रकार 2
- 16) वाम अवडीन, दक्षिण अवडीन
- 17) स्वयं नया संयुक्त प्रयोग बनाना
- 18) रेखांकन
- 19-22) शिक्षणविधि
विषय - समता का पाठ्यक्रम
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय (सामान्य)
- 1-3) गणसमता के सभी प्रयोग
- 4-6) वाहिनी समता के सभी प्रयोग
- 7-9) नैमित्तिकानी
- 10-12) अनिकिनी समता के सभी प्रयोग
- 13-15) रक्षक समता
- 16-18) क्रमेण समता
- 19-22) अविरत समता के प्रयोग
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय (विशेष)
- 1-5) क्षिप्रचल और मन्दचल छोडकर गणसमता के सभी प्रयोग
- 6-9) वाहिनी समता - घनस्तंभव्यूह से ततिव्यूह, ततिव्यूह से घनस्तंभव्यूह, घनस्तंभव्यूह से स्तंभ चतुर्व्यूह/संचलन व्यूह में प्रस्थान, स्तंभ चतुर्व्यूह/संचलन व्यूह से वामाभिमुख घनस्तंभव्यूह में आना।
- 10-13) नैमित्तिकानी
- 14-17) रक्षक समता
- 18-22) अविरत समता के चयनित प्रयोग
विषय- आसन का पाठ्यक्रम
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय (सामान्य)
- ताड़ासन
- चन्द्रासन
- पार्श्वोत्तानासन
- परिवृत पार्श्वकोणासन
- पश्चिमोत्तानासन
- सेतु बंधासन / उर्ध्व धनुरासन
- पवनमुक्तासन
- जठर परिवर्तनासन
- उर्ध्वमुख श्वानासन
- अधोमुख श्वानासन
- शिर्षासन
- वज्रासन
- भरद्वाजासन
- सर्वांगासन
- हलासन
- मत्स्यासन
कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय (विशेष)
- ताड़ासन
- त्रिकोणासन
- पार्श्व कोणासन
- उत्तानासन
- शीर्षासन
- भुजगांसन
- बद्ध कोणासन
- अर्धमत्स्येन्द्रासन
- नौकासन
- जठर परिवर्तनासन
- सर्वागांसन
- पाश्चिमोत्तानासन
- शवासन
विषय - यष्टि का पाठ्यक्रम
- यष्टि विषय के तृतीय वर्ष के प्रयोग 1 से 13 तक के प्रयोग सिखाना है ।
- साधन के साथ प्रयोग 1 से 7 तक के प्रयोग सिखाना है।
विषय - दंड का पाठ्यक्रम -
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय ( सामान्य )
- 1-2) कार्यकर्ता विकास वर्ग 1 के कुछ प्रयोगों का अभ्यास 2 कालांश लेना
- 3-4) विसर्प प्रकार १ व २
- 5) प्रहार ऊर्ध्वभ्रमण अर्धभ्रम युग
- 6) परिवृ ऊर्ध्वभ्रमण मार युग
- 7) षट्पदी ऊर्ध्वभ्रमण द्वय
- 8) षट्पदी कक्ष वंचिका मार द्वय
- 9) षट्पदी परिवृत कक्ष उत्क्षेप चतुष्क
- 10) षट्पदी विस्थलांतर चतुष्क
- 11) षट्पदी सिंहध्वज चतुष्क
- 12) भेद भ्रमण मार द्वय
- 13-14) भेद ऊनवृत द्विमार चतुष्क वितसर प्रयोग 1 व 2
- 15) प्रडीन स्थलोड्डीन मार द्वय
- 16) प्रडीन संडीन भ्रमण मार चतुष्क
- 17) परिकृमार युग वितसर
- 18) प्रडीन विस्थलांतर चतुष्क
- 19-20) प्रडीन संडीन शिरोभेद चतुष्क
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय (विशेष)
- शिरमार क्रमिका 3
- द्विमुखी क्रमिका 2
- द्विमुखी गतियुक्त प्रहार ऊर्ध्वभ्रमण सह
- विसर्प प्रकार 1 व 2
- षट्पदी ऊर्ध्वभ्रमण
- षट्पदी कक्ष वंचिका मार द्वय
- प्रहार अर्धभ्रम युग वितसर
- प्रहार ऊर्ध्वभ्रमण अर्धभ्रम युग
- भेद भ्रमण मार द्वय
- भेद ऊनवृत द्विमार चतुष्क वितसर प्रयोग २
विषय - खेल
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय ( सामान्य )
- बाल आयुगट के खेल चार दिन लेना है। (शिक्षक दो दिन और शिक्षार्थी दो दिन)। हर एक दिन दो प्रकार के खेल हो।
- पश्चात एक दिन शिक्षार्थी बाल आयु के खेल लेंगे। इसी तरह क्रमशः तरुण और प्रौढ आयुगट के खेल लेना है
- वर्ग में आठ दिन रेखांकन के खेल और एक दिन विशाल खेल लेना है।
- शिक्षार्थी को वर्ग के दौरान कम से कम 100 खेल ज्ञात हो जाये यह प्रयास करना है।
कार्यकर्ता विकास वर्ग - द्वितीय (विशेष)
- प्रौढ के 6 दिन; तरुण 3 दिन; बालो के 3 दिन खेल लेना है. हर आयुगट के दबा 2 दिन इस तरह 6 दिन शिक्षर्थी खेल लेंगे।
- 3 दिन रेखांकन के खेल लेना है।
- मनोरंजन के खेल, बौद्धिक खेल, साधन के खेल, कम संख्यावाले खेल, रिले, दोद लो के खेल, कुर्सीपर के खेल, पारिवारिक खेल इन खेलो का अधिक प्रशिक्षण हो ।
- विशेष वर्गों में प्रौढ आयुगट के खेलों के सभी प्रकार लेना है। दौडने वाले खेल नही लेना है। अंतर कम रहे सभी नदजीक रहे यह ध्यान में रखना है। जल्दी गति से वृति करने के खेल नही लेना है। 41 से 50 और 51 से 65 आयु के अनुसार खेलो का वर्गीकरण करना चाहिए।
खेल के प्रकार
१) मंडल परिधि पर खडे होकर खेलना
२) मंडल के अंदर के खेल
3) मैदानी खेल
4 ) तति के खेल
5 ) रेखांकन के खेल (टीम गेम्स)
6) बौद्धिक खेल
7) संघर्ष के खेल
8) साधन के साथ खेल
9) बैठे खेल
10 ) गोपुरम
11 ) द्वंद्व के खेल (1x1)
13) मनोरंजन के खेल
14 ) शारीरीक, व्यवस्था, सेवा, संपर्क के विभागनिहाय खेल
15) संख्या के अनुसार खेल
16) पारिवारिक खेल
17) व्यूह बनाकर खेल
18) विविध खो खो और कबड्डी
19 ) अंधो के खेल
20) टीम मॅनेजमेंट के खेल
21 ) ताली के खेल
22 ) यौगिक खेल
23 ) एकाग्रता के खेल
24 ) तर्कशक्ति के खेल
25 ) गणितीय खेल
26) अंग्रेजी भाषा के खेल
27 ) खोज तलाश के खेल
28) अभिनय पर आधारित खेला
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